TULSI A MEDICINAL PLANT
तुलसी जी , पौधा नहीं जीवन का अंग है... 1. तुलसी जी को नाखूनों से कभी नहीं तोडना चाहिए,। 2.सांयकाल के बाद तुलसी जी को स्पर्श भी नहीं करना चाहिए । 3. रविवार को तुलसी पत्र नहीं तोड़ने चाहिए । 4. जो स्त्री तुलसी जी की पूजा करती है। उनका सौभाग्य अखण्ड रहता है । उनके घर सुख शांति व समृद्धि का वास रहता है घर का आबोहवा हमेशा ठीक रहता है। 5. द्वादशी के दिन तुलसी को नहीं तोडना चाहिए । 6. सांयकाल के बाद तुलसी जी लीला करने जाती है। 7. तुलसी जी वृक्ष नहीं है! साक्षात् राधा जी का स्वरूप है । 8. तुलसी के पत्तो को कभी चबाना नहीं चाहिए। रामा तुलसी (ओसिमम सैंक्टम) : इस प्रकार की तुलसी की पत्तियां हरी होती हैं और यह अपने मीठे और हल्के स्वाद के लिए जानी जाती है। इसका उपयोग अक्सर पाक व्यंजनों , हर्बल चाय और आयुर्वेदिक तैयारियों में किया जाता है। कृष्णा तुलसी (ओसिमम सैंक्टम): कृष्णा तुलसी में बैंगनी या गहरे रंग के पत्ते और मिर्च जैसा , थोड़ा मसालेदार स्वाद होता है। इसका उपयोग खाना पकाने , चाय और हर्बल उपचार में भी किया जाता है। वाना तुलसी (ओसिमम ग्रैटिसिमम): वाना तुलसी , जिसे जंगली या...